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Wednesday, August 5, 2026
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Israel की धरती पर उतरते ही PM Modi ने रचा इतिहास, Netanyahu के साथ द्विपक्षीय वार्ता में सुदर्शन चक्र को सशक्त बनाने पर रहेगा जोर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इजराइल के दो दिवसीय दौरे पर आज राजधानी तेल अवीव पहुंचे। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने हवाई अड्डे पर मोदी की अगवानी की। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया और अभिवादन किया। हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया। हम आपको बता दें कि वर्ष 2017 के बाद मोदी की इजराइल की यह दूसरी यात्रा है। मोदी इजराइल की संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करेंगे और ऐसा गौरव प्राप्त करने वाले वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। इजराइल यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा था कि भारत और इजराइल एक मजबूत और बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं जिसमें उल्लेखनीय वृद्धि और प्रगति देखी गई है। इस यात्रा के दौरान मोदी इजराइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से भी मुलाकात करेंगे।
दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय वार्ता भी निर्धारित है। सूत्रों के अनुसार, रक्षा और सुरक्षा सहयोग वार्ता के केंद्र में रहेगा। भारत अपने स्वदेशी वायु रक्षा कवच “सुदर्शन चक्र” को सशक्त बनाने की दिशा में इज़राइल की आयरन डोम तकनीक से संभावित सहयोग पर विचार कर रहा है। इज़राइल की मिसाइल रक्षा प्रणाली ने हाल के वर्षों में अपनी प्रभावशीलता सिद्ध की है और तकनीकी साझेदारी दोनों देशों के रणनीतिक हितों को मजबूती दे सकती है। आतंकवाद-रोधी सहयोग, साइबर सुरक्षा और उन्नत रक्षा अनुसंधान भी चर्चा के प्रमुख विषयों में शामिल होंगे।

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हम आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी यरूशलम में एक नवाचार-केंद्रित कार्यक्रम में भाग लेंगे, जहां स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कृषि-प्रौद्योगिकी और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर बल दिया जाएगा। भारत और इज़राइल के बीच द्विपक्षीय निवेश समझौते तथा प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर भी प्रगति की समीक्षा होगी। दोनों देश व्यापार और निवेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री नेतन्याहू संयुक्त रूप से ‘याद वाशेम’ स्मारक का दौरा भी करेंगे, जो होलोकॉस्ट के पीड़ितों की स्मृति को समर्पित है। यह दौरा साझा ऐतिहासिक संवेदनाओं और मानवीय मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है।
इसके अलावा, पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति, विशेषकर गाज़ा में जारी तनाव, वार्ता का अहम हिस्सा रहने की संभावना है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू द्वारा प्रस्तावित “हेक्सागन” गठबंधन जिसमें भारत, अरब राष्ट्र, अफ्रीकी देश और भूमध्यसागरीय क्षेत्र के राष्ट्र शामिल हों, इस पर भी चर्चा हो सकती है। हम आपको बता दें कि यह पहल क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक संपर्क और सुरक्षा सहयोग को व्यापक ढांचे में स्थापित करने का प्रयास है।
उधर, प्रधानमंत्री मोदी के आगमन पर इज़राइल में भारतीय समुदाय में उत्साह का माहौल है। कई प्रवासी भारतीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी में काफी समय से जुटे हैं। कई भारतीयों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मोदी है तो सब मुमकिन है।
हम आपको यह भी बता दें कि विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत–इज़राइल संबंधों को एक नए चरण में ले जा सकती है। संसदीय संपर्क, कूटनीतिक संवाद और जन-से-जन संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ यह दौरा साझा नवाचार, समृद्धि और क्षेत्रीय स्थिरता की दृष्टि को भी आगे बढ़ाएगा। देखा जाये तो प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। ऐसे में भारत और इज़राइल का रणनीतिक सहयोग न केवल द्विपक्षीय हितों बल्कि व्यापक क्षेत्रीय संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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