कैथल: मनरेगा मजदूरों की केवाईसी प्रक्रिया समय पर पूरी न करने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए कैथल जिले के पांच ग्राम सचिवों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुरेश राविश द्वारा की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार निलंबित किए गए ग्राम सचिवों में कैथल ब्लॉक के दो, ढांड ब्लॉक के दो और कलायत ब्लॉक का एक ग्राम सचिव शामिल है। जिला प्रशासन के अनुसार संबंधित ग्राम सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों में राष्ट्रीय मनरेगा मॉनीटरिंग सिस्टम (NMMS) ऐप के माध्यम से मनरेगा मजदूरों की केवाईसी प्रक्रिया तय समय-सीमा के भीतर पूरी नहीं की, जिसे ड्यूटी में लापरवाही माना गया।
दरअसल, सरकार ने मनरेगा योजना में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के उद्देश्य से मजदूरों की केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य की है। इसके लिए सभी ग्राम सचिवों को निर्देश दिए गए थे कि वे 15 मार्च तक अपने-अपने गांवों में कार्यरत मनरेगा मजदूरों की केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें।
जांच के दौरान जिन ग्राम पंचायतों में केवाईसी की प्रगति बेहद धीमी पाई गई और निर्धारित समय तक कार्य पूरा नहीं हुआ, वहां संबंधित ग्राम सचिवों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई।
जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश ने बताया कि मनरेगा मजदूरों की केवाईसी एनएमएमएस ऐप के माध्यम से कराई जा रही है। जिन ग्राम पंचायतों में यह कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ, वहां के पांच ग्राम सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही सभी ग्राम सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 31 मार्च तक शेष मजदूरों की केवाईसी प्रक्रिया हर हाल में पूरी करें।


