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Tuesday, August 4, 2026
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National Herald Case: सोनिया-राहुल गांधी को फौरी राहत या बढ़ीं मुश्किलें? Delhi HC में सुनवाई टली

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर सुनवाई नहीं की। इस मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच के सामने होनी थी। मिली जानकारी के अनुसार, अब इस मामले की सुनवाई 25 मई को होगी। एजेंसी ने ट्रायल कोर्ट के पिछले फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का रुख किया था। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कई अन्य लोगों के खिलाफ दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। अधिकारियों के मुताबिक, ईडी का तर्क है कि ट्रायल कोर्ट के आदेश की न्यायिक समीक्षा ज़रूरी है और चार्जशीट में पेश की गई सामग्री पर औपचारिक संज्ञान लिया जाना चाहिए।
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गांधी परिवार और अन्य लोगों को नोटिस जारी
इससे पहले, 22 दिसंबर को हाई कोर्ट ने गांधी परिवार और कई अन्य लोगों को मुख्य याचिका और ईडी की उस अर्जी, दोनों के संबंध में नोटिस जारी किए थे, जिसमें ट्रायल कोर्ट के 16 दिसंबर, 2025 के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी। ट्रायल कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि एजेंसी की शिकायत पर संज्ञान लेना “कानूनन गलत” था, क्योंकि यह किसी FIR पर आधारित नहीं थी। गांधी परिवार के अलावा, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा, यंग इंडियन, डॉटैक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड और सुनील भंडारी को भी नोटिस जारी किए गए थे।
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ईडी ने साज़िश और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया
ईडी ने आरोप लगाया है कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, और कांग्रेस के दिवंगत नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडिस, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी एक साज़िश का हिस्सा थे। एजेंसी ने अपनी शिकायत में सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और यंग इंडियन का नाम भी शामिल किया है। ईडी के अनुसार, एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की लगभग 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति कथित तौर पर गलत तरीकों से हासिल की गई थी। यह दावा किया गया है कि गांधी परिवार की यंग इंडियन में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जिसने 90 करोड़ रुपये के कर्ज के बदले धोखे से एजीएल की संपत्तियों पर कब्ज़ा कर लिया था।

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