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Tuesday, August 4, 2026
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Prabhasakshi NewsRoom: Leh जा रहे Spice Jet Plane की Emergency Landing, Jharkhand में Air Ambulance Crash, ये हो क्या रहा है?

देश में हवाई सुरक्षा को लेकर दो अलग अलग घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। एक ओर जहां राजधानी दिल्ली से लेह जा रही एक यात्री उड़ान को तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते से वापस लौटना पडा, वहीं दूसरी ओर झारखंड में एक एअर एंबुलेंस भीषण हादसे का शिकार हो गई, जिससे उसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। इन दोनों घटनाओं ने विमानन सुरक्षा, मौसम की चुनौतियों और आपात प्रबंधन तंत्र पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहली घटना आज सुबह की है, जब स्पाइसजेट के एक बोइंग 737 विमान ने दिल्ली से लेह के लिए उड़ान भरी। उड़ान संख्या एसजी 121 ने सुबह 6 बजकर 08 मिनट पर दिल्ली से टेक ऑफ किया, लेकिन उड़ान भरने के लगभग एक घंटे के भीतर ही विमान को तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विमान के एक इंजन में खराबी की आशंका जताई गई, जिसके बाद एहतियातन उसे वापस दिल्ली लैंड कराने का निर्णय लिया गया।

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करीब 6 बजकर 49 मिनट पर विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली हवाई अड्डे पर उतर गया। विमान में लगभग 150 यात्री सवार थे। हवाई अड्डा प्रशासन ने आपात लैंडिंग के प्रोटोकॉल के तहत सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही कर ली थीं। स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने बताया कि विमान को तकनीकी समस्या का अनुभव हुआ था, लेकिन कॉकपिट में आग की कोई चेतावनी नहीं थी। सभी यात्रियों को सामान्य रूप से विमान से उतार लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। समय रहते पायलट के निर्णय और हवाई अड्डे की तत्परता से एक संभावित गंभीर स्थिति को टाल दिया गया।
दूसरी और कहीं अधिक दुखद घटना सोमवार शाम झारखंड के चतरा जिले में हुई। रांची से दिल्ली जा रही एक एअर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह छोटा विमान सोमवार शाम 7 बजकर 11 मिनट पर रांची से रवाना हुआ था। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान ने खराब मौसम के कारण मार्ग बदलने की अनुमति मांगी थी। रांची हवाई अड्डे के सूत्रों के अनुसार विमान ने कोलकाता एटीसी से प्रारंभिक संपर्क स्थापित किया था और खराब मौसम के चलते विचलन का अनुरोध किया था।
लेकिन उड़ान भरने के लगभग 23 मिनट बाद, शाम 7 बजकर 34 मिनट पर विमान से संपर्क टूट गया। यह स्थान वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल मील दक्षिण पूर्व बताया गया। इसके बाद विमान राडार से भी गायब हो गया। चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड के कसारिया पंचायत के ग्रामीणों ने रात के आकाश में जोरदार धमाका सुना और एक बड़ी वस्तु को घूमते हुए नीचे गिरते देखा। बाद में मलबा मिलने पर स्थानीय प्रशासन को सूचना दी गई।
दुर्घटना में दो पायलट, एक मरीज संजय कुमार, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, पेरामेडिक एसके मिश्रा तथा दो सहायक सवार थे। सिमरिया के एसडीपीओ शुभम खंडेलवाल ने पुष्टि की कि सभी सात लोगों की मौत हो गई और शव बरामद कर लिए गए। चतरा की उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने कहा कि प्रथम दृष्टया दुर्घटना का कारण आंधी तूफान प्रतीत होता है, हालांकि वास्तविक कारण विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
दुर्घटना की जांच के लिए विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो और दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल पर भेजी गई है। ब्लैक बाक्स बरामद करने की प्रक्रिया जारी है। हम आपको यह भी बता दें कि कि एक महीने के भीतर यह छोटे विमान की दूसरी दुर्घटना है। हाल ही में एक छोटे विमान से यात्रा कर रहे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु हुई थी और अब एअर एंबुलेंस के हादसे में 7 लोगों की जान जाने से देश में छोटे विमानों से यात्रा के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गयी है।
देखा जाये तो दोनों घटनाएं इस बात की याद दिलाती हैं कि हवाई सुरक्षा में जरा-सी चूक या प्रतिकूल मौसम किस तरह गंभीर परिणाम ला सकता है और सख्त मानकों तथा सतत निगरानी की आवश्यकता हमेशा बनी रहती है।
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