दिल्ली से सटे गाजियाबाद के शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बढ़ती बिक्री और सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी आम बात हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शालीमार गार्डन में ना केवल नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री हो रही है, बल्कि जगह-जगह असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी लगा रहता है, जिससे महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
अवैध रूप से गांजा, स्मैक और शराब की बिक्री तथा खुलेआम सेवन के आरोपों को लेकर आए दिन विरोध प्रदर्शन भी दर्ज होता रहता है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की बात भी सामने आई है।
पुलिस चौकी के आसपास अवैध गतिविधियाँ
शालीमार गार्डन थाना अंतर्गत SM वर्ल्ड पुलिस चौकी के आसपास अवैध गतिविधियों को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि चौकी से महज़ कुछ कदम की दूरी पर पान-खोखों और दुकानों पर नशे में इस्तेमाल होने वाले ‘GOGO’ रोलिंग पेपर और प्री-रोल्ड सामग्री खुलेआम बेची जा रही है, जिनका उपयोग कथित रूप से नशीले पदार्थों के सेवन में किया जाता है।
इतना ही नहीं, इनमें से कई पान-खोखे कथित रूप से अवैध अतिक्रमण कर सड़क और फुटपाथ पर खड़े हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और पार्किंग की गंभीर समस्या पैदा हो रही है। SM वर्ल्ड के आसपास का पूरा क्षेत्र पहले ही भीड़भाड़ वाला है, ऐसे में अवैध खोखों और दुकानों के कारण आम लोगों को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन दुकानों के बाहर व SM वर्ल्ड के आसपास नशा करने वाले असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आए दिन झगड़े, गाली-गलौज और मारपीट की स्थिति बन जाती है। आसपास का पूरा इलाका व्यस्त शॉपिंग ज़ोन है, जहां परिवार, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में आते हैं। ऐसे में सवाल उठता है—क्या चौकी के बिल्कुल पास चल रही इन गतिविधियों की जानकारी स्थानीय पुलिस और प्रशासन को नहीं है, या फिर सब कुछ जानते हुए भी अनदेखा किया जा रहा है?
खुलेआम हो रही है कालाबाज़ारी
इसके साथ ही आरोप है कि सिगरेट और तंबाकू उत्पाद निर्धारित MRP से कहीं अधिक दामों पर बेचे जा रहे हैं। ₹100 का पैकेट ₹180-₹200 में, ₹300 का पैकेट ₹450-₹500 में और ₹60 का पैकेट ₹80 में बेचा जा रहा है। यह न केवल उपभोक्ता अधिकारों का खुला उल्लंघन है, बल्कि सीधी कालाबाज़ारी का मामला भी प्रतीत होता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत करने पर दुकानदार धमकी देते हैं। 112 पर कॉल लगाने में दिक्कत आती है, चौकी पर अक्सर कोई मौजूद नहीं मिलता और संबंधित अधिकारियों को शिकायत देने पर भी ठोस कार्रवाई नहीं होती।
बड़ा सवाल प्रशासन से?
- अगर पुलिस चौकी के पास ही कानून का इस प्रकार उल्लंघन होता है तो बाकी क्षेत्र की कानून व्यावस्था का क्या ही कहना?
- क्या उपभोक्ता संरक्षण विभाग, नगर निगम और संबंधित एजेंसियां केवल कागज़ी कार्रवाई तक सीमित है।
- क्या आम नागरिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा की कोई ज़िम्मेदारी तय होगी?
जनता मांग कर रही है कि तत्काल संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया जाए, MRP से अधिक वसूली करने वालों पर सख्त जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई हो, अवैध अतिक्रमण हटाया जाए और अवैध गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।


