मोदीनगर (15 अगस्त 2026): 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर समाजवादी पार्टी (सपा) के मोदीनगर विधानसभा अध्यक्ष देवव्रत धामा ने क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और ध्वजारोहण किया। इस मौके पर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए देश की एकता, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प दिलाया।
धामा ने मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र के डबल स्टोरी, गोविंदपुरी, ब्रह्मपुरी, सीकरी, जीटी रोड, मऊ, अमीपुर नंगोला और डबाना सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर ध्वजारोहण किया।

जनसभाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीरों को याद करने और नई पीढ़ी को उनके संघर्षों से अवगत कराने का महत्वपूर्ण अवसर है।
अपने संबोधन में उन्होंने वर्तमान भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया। देवव्रत धामा ने आरोप लगाया कि आज की सरकार नहीं चाहती कि जनता स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्षों को याद रखे। उन्होंने कहा, “भाजपा की नीतियां संविधान की मूल भावना के विपरीत हैं। इसलिए देश के सभी वर्गों को अपने संविधान और अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करना होगा।”

उन्होंने धर्म, जाति और वर्ग से ऊपर उठकर दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, किसान, मजदूर और सभी वंचित समाजों को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि “PDA की असली ताकत सामाजिक सम्मान, भागीदारी और बराबरी में है। जिस समाज को लंबे समय तक सत्ता और व्यवस्था में उचित भागीदारी नहीं मिली, उसकी आवाज को मजबूत करना ही सामाजिक न्याय की असल लड़ाई है।”
स्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर धामा ने दलित और गुर्जर समाज द्वारा दिए गए आमंत्रणों को विशेष प्राथमिकता दी। राजेश पायलट स्मृति स्थल एवं पुस्तकालय पर गुर्जर समाज द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में धामा की उपस्थिति में विकल सिंह जी ने ध्वजारोहण किया। इस कार्यक्रम में तिलकराज अधाना, राजकुमार, बिजेंदर सिंह, रकम सिंह, परसराम पायल, करतार सिंह, बी.एस. भाटी सहित गुर्जर समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रमों के दौरान संगठन की मजबूती भी देखने को मिली, जिसमें विधानसभा महासचिव जावेद मास्टरजी, सचिव बादल कासिम, दीनू खान, अक्षय सिन्धु, सूरज और सचिन जाटव सहित पार्टी के अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अंत में देवव्रत धामा ने संदेश दिया कि आज देश को नफरत नहीं सामाजिक न्याय चाहिए; विभाजन नहीं भाईचारा चाहिए; और सत्ता का अहंकार नहीं बल्कि संविधान की सर्वोच्चता चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी समाजों को साथ लेकर सामाजिक बराबरी और संविधान की रक्षा का यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।


