लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बढ़ते तापमान और गर्मी की चुनौतियों को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए एक विशेष पत्र जारी किया है, जिसे ‘योगी की पाती’ नाम दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में स्पष्ट कहा है कि, “प्रदेश के हर व्यक्ति का जीवन अनमोल है।” ‘योगी की पाती’ की शुरुआत मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता को दर्शाती है। उन्होंने कहा है कि जैसे कड़ाके की ठंड में सरकार लोगों की सुरक्षा के लिए तत्पर रहती है, ठीक उसी तरह भीषण गर्मी की मार से बचाने के लिए भी शासन स्तर पर पूरी तैयारी है। उनका स्पष्ट मानना है कि प्रदेश का हर नागरिक का जीवन अनमोल है, और उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
‘योगी की पाती’ के मुख्य संदेश
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि वे भीषण गर्मी में अपनी और अपनों की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखें:
- पशु-पक्षियों का रखें ख्याल: अपने घरों के बाहर पशु-पक्षियों के लिए पानी के पात्र अवश्य रखें।
- बच्चों एवं बुजुर्गों की सुरक्षा: इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों की सेहत के प्रति विशेष सतर्कता बरतें।
- खान-पान और पहनावा: लू से बचने के लिए सूती या खादी के ढीले और हल्के वस्त्र पहनें। पर्याप्त मात्रा में पानी, शिकंजी, छाछ और नारियल पानी का सेवन करते रहें।
- आग से सावधानी: गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसी कोई लापरवाही न करें जिससे आग लगने का अंदेशा हो।

प्रशासन की ओर से किए गए पुख्ता इंतजाम
गर्मी की चुनौतियों से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने शासन के हर स्तर पर समन्वित और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं:
- बिजली की निर्बाध उपलब्धता: गर्मी में बिजली की मांग बढ़ना स्वाभाविक है। इसके मद्देनजर प्रदेश के सभी थर्मल पावर प्लांटों को उनकी पूरी क्षमता पर संचालित करने का आदेश दिया गया है, ताकि बिजली कटौती न हो।
- पेयजल की विशेष व्यवस्था: तहसील, थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर आमजन के लिए नि:शुल्क शीतल पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
- सड़कों पर छिड़काव: लू के असर को कम करने के लिए प्रमुख मार्गों पर पानी का छिड़काव सुनिश्चित किया जा रहा है।
- कार्यस्थलों पर सुरक्षा: औद्योगिक और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे। अस्पतालों में ‘हीट स्ट्रोक’ से प्रभावित लोगों के इलाज के लिए विशेष तैयारी की गई है।
- वन्यजीव और पशुधन सुरक्षा: केवल इंसानों ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों के प्रति भी सरकार ने चिंता जताई है। गौशालाओं में चारे-पानी की व्यवस्था और वन्यजीव अभयारण्यों में ‘हीट-वेव एक्शन प्लान’ को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
निष्कर्ष: सावधानी ही बचाव है
‘योगी की पाती’ केवल एक प्रशासनिक निर्देश नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि वे सरकारी गाइडलाइंस का पालन करें, अपना और अपने प्रियजनों का ख्याल रखें। इस कठिन मौसम में एकता और जागरूकता ही हमें सुरक्षित रख सकती है।
“क्या आप इन नियमों का पालन कर रहे हैं? कमेंट्स में हमें अपने तरीके बताएं।”


