काहिरा, 27 जुलाई (एपी) पश्चिम एशिया में युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान को बातचीत की मेज पर वापस लेने की कोशिश कर रहे मध्यस्थों को सकारात्मक संकेत मिले हैं। क्षेत्रीय अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। यह संकेत ऐसे समय मिले हैं जब बढ़ते तनाव के बाद दोनों पक्षों ने हमले रोक दिए हैं।
लेकिन पूरे क्षेत्र में हथियारबंद समूहों के छिटपुट हमलों ने अब भी तनावपूर्ण स्थिति को रेखांकित किया है। सऊदी अरब ने कहा कि उसने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा उसके पेट्रेलियम ठिकानों को निशाना बनाने के लिए गए ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया है। वहीं, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी तेल ठिकानों पर हमला करने का दावा किया।
इराक में कुर्दिश ईरानी बागी समूह पर दो ड्रोन हमलों की खबर मिली है। जॉर्डन ने कहा कि उसने दो ड्रोन मार गिराए हैं, हालांकि यह नहीं बताया कि वे कहां से आए थे। किसी के हताहत होने या नुकसान की कोई खबर नहीं है।
नाम गुप्त की शर्त पर दो क्षेत्रीय अधिकारियों ने बताया कि कतर और पाकिस्तान की अगुवाई में मध्यस्थ, अमेरिका और ईरान के बीच की दूरियों को कम करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे उस अंतरिम युद्धविराम समझौते पर वापस लौट सकें जो गोलाबारी के बाद टूट गया था। एक क्षेत्रीय अधिकारी ने सोमवार को एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि मध्यस्थता की कोशिशों में काफी अहम प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थ, ईरान और ओमान के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को प्रबंधित करने का तंत्र बनाने पर काम कर रहे हैं।
यही वह जगह है जहां हाल ही में हमले और जवाबी हमले हुए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को तेहरान में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मध्यस्थ अमेरिकी पक्ष की ओर से हमें संदेश पहुंचा सकते हैं’’ लेकिन कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दोनों किनारों पर बसे ईरान और ओमान ने शुक्रवार और शनिवार को इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही के प्रबंधन के तरीकों को लेकर बातचीत की थी।
बघाई ने कहा,‘‘इसका उद्देश्य ईरान और ओमान के लिए ऐसे तंत्र को विकसित करना है जिनसे होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके। साथ ही, इसमें दोनों तटीय देशों के संप्रभु अधिकारों और संप्रभुता और ईरान की सुरक्षा व राष्ट्रीय हितों का भी सम्मान किया जाए।’’ उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जलमार्ग बंद है। इसके अलावा, बघाई ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की आलोचना की।
जेलेंस्की ने सप्ताहांत में कहा था कि यूक्रेन ने कैस्पियन सागर में ‘‘ईरान से जुड़े सैन्य सामान ले जाने वाले जहाजों’’ पर हमला किया था।


