एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत के एक हालिया पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बवाल मच गया था, जिसमें उन्होंने गटर जेनरेशन शब्द का इस्तेमाल किया था। कई लोगों का आरोप था कि उन्होंने छात्र आंदोलन और नई पीढ़ी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। अब बढ़ते विवाद के बाद कंगना ने एक वीडियो जारी कर अपनी बात रखी है और कहा है कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया है।
डिसिप्लिन में रहना कोई चॉइस नहीं है
कंगना रनौत ने वीडियो में कहा कि कोई भी अपने घर के बच्चों के सामने अश्लील भाषा या गलत व्यवहार को नॉर्मलाइज नहीं होने देना चाहता। उन्होंने कहा, “क्या आप अपनी बेटी को ऐसा सिखाएंगे? डिसिप्लिन में रहना कोई चॉइस नहीं है, अगर आपको समाज में रहना है तो संविधान के हिसाब से चलना पड़ेगा। आपकी आजादी वहां खत्म होती है जहां दूसरों की सीमा शुरू होती है।” इसे भी पढ़ें: Lock Upp 2 में पिता के बिजनेस में घाटे की बात कह फंसीं Shivangi Joshi, दर्शकों ने लगा दी क्लास
सिविक सेंस सीखने और फेमिनाजी से बचने की सलाह
कंगना ने आगे कहा कि किसी को भी गाली-गलौज और बदतमीजी करने का अधिकार नहीं है। पीएम मोदी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चे उन्हें एग्जाम बडी मानते हैं, कोई उन्हें लीडर तो कोई परिवार का हिस्सा मानता है, इसलिए किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई जा सकती। यह कोई कूल बनना नहीं है, बल्कि बेसिक सिविक सेंस है जो सबको सीखना पड़ेगा। आखिर में एक्ट्रेस ने लोगों से अपील की कि वे फेमिनाजी के प्रभाव में आकर अपनी जिंदगी बर्बाद न करें।


