गाजियाबाद के नंदग्राम में 4 साल की मासूम बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। आरोपी गौरव कुमार उर्फ गौरव प्रजापति के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई, जिसमें आरोपी घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
क्या है पूरा मामला
सोमवार (16 मार्च 2026) की रात एक 24 वर्षीय युवक ने पड़ोस में रहने वाली 4 साल की मासूम बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने घर से ले गया था। चूंकि गौरव परिजनों का परिचित था, इसलिए किसी को शक नहीं हुआ। गौरव ने इंसानियत को तार-तार करते हुए मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया और फिर उसे पास के ही एक खेत में लहूलुहान और अचेत अवस्था में छोडकर भाग गया।
जब काफी देर तक बच्ची घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रात करीब 9:00 बजे बच्ची पास के ही एक खेत में लहूलुहान और अचेत अवस्था में पड़ी मिली। परिजन और स्थानीय लोग तुरंत बच्ची को लेकर अस्पताल भागे, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि इलाज के दौरान मासूम की मृत्यु हो गई।
कैसे हुआ half encounter
पुलिस के अनुसार, घटना की शुरुआत उस समय हुई जब आरोपी गौरव कुमार को पूछताछ के लिए लाया गया था। पूछताछ के दौरान उसने हत्या से जुड़े साक्ष्य छिपाने की जानकारी दी और पुलिस टीम को अपने साथ घटनास्थल पर ले गया। आरोपी ने बताया कि उसने खून से सने कपड़े और हथियार पास के खेतों में झाड़ियों के नीचे छिपा रखे हैं।
जब पुलिस टीम आरोपी के साथ बताए गए स्थान पर पहुंची, तो आरोपी ने अचानक छिपा हुआ तमंचा निकालकर पुलिस पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।
मौके से पुलिस ने एक अवैध 315 बोर का तमंचा, जिंदा और खोखा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा घटनास्थल और आरोपी के घर से खून से सने कपड़े भी जब्त किए गए हैं, जिन्हें सील कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
निष्कर्ष
नंदग्राम की यह घटना समाज को झकझोर देने वाली है। मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अभिभावकों और प्रशासन दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


